पहाड़ के दर्द पर संवेदना का मरहम: बनाला की तीन अनाथ बहनों और दिव्यांग दादी का सहारा बने जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट

नंदा नगर (चमोली): उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी ऐसे कई परिवार हैं, जो नियति की मार और तंगहाली के बीच जीवन संघर्ष कर रहे हैं। ऐसा ही एक झकझोर देने वाला मामला विकासखंड नंदा नगर (घाट) की ग्राम पंचायत बनाला से सामने आया है, जहाँ माता-पिता के असामयिक निधन के बाद तीन मासूम बहनें और उनकी दिव्यांग दादी बिल्कुल बेसहारा हो गई थीं। इस संकट की घड़ी में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दौलत सिंह बिष्ट ने देवदूत बनकर इस परिवार की सुध ली है और मदद का हाथ बढ़ाया है।
नियति की मार: सिर से उठा माता-पिता का साया, बुजुर्ग दिव्यांग दादी पर था दारोमदार
ग्राम पंचायत बनाला के इस परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूटा जब तीन छोटी बहनों के सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा और इन मासूमों की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी उनकी बुजुर्ग और दिव्यांग दादी पर आ गई। रहने के लिए एक सुरक्षित छत तक नसीब नहीं थी और जर्जर आशियाने में यह परिवार डर-डर कर रातें काटने को मजबूर था।
धरातल पर उतरी मदद: शौचालय एवं अन्य निर्माण कार्य शुरू

इस हृदयविदारक स्थिति की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने बिना देरी किए त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने न केवल इस बेसहारा परिवार को सांत्वना दी, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई करते हुए अनाथ बहनों और उनकी दिव्यांग दादी के लिए एक सुरक्षित और पक्के शौचालय के साथ अन्य निर्माण कार्य की शुरुआत करवाई। वर्तमान में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, ताकि बरसात और मौसम की मार से इस परिवार को जल्द सुरक्षित छत मिल सके।
शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान की ली जिम्मेदारी
दौलत सिंह बिष्ट ने स्पष्ट किया है कि यह सहायता केवल मकान या शौचालय बनाने तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने अनाथ बहनों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निम्नलिखित संकल्प दोहराए हैं:
शिक्षा का संकल्प: तीनों बहनों की पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च और जिम्मेदारी उठाई जाएगी ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके।
दिव्यांग दादी की देखभाल: बुजुर्ग दिव्यांग दादी को हर संभव सामाजिक और स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षित भविष्य: समाज और प्रशासन के समन्वय से बच्चों को एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण पारिवारिक माहौल दिया जाएगा।
“बनाला की इन मासूम बेटियों और इनकी दिव्यांग दादी का दर्द पूरे समाज का दर्द है। हमारी कोशिश है कि इन्हें कभी यह अहसास न हो कि ये अकेली हैं। इनके रहने, खाने और शिक्षा की मुकम्मल व्यवस्था करना हमारा दायित्व है और इसके लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।” — दौलत सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष चमोली।
क्षेत्रवासियों ने जताया आभार
ग्राम पंचायत बनाला सहित पूरे नंदा नगर क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष की इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि राजनेताओं को अक्सर दावों में देखा जाता है, लेकिन धरातल पर आकर एक बेसहारा, अनाथ और दिव्यांग परिवार की इस तरह सुध लेना एक सच्चे जनसेवक की पहचान है।