वक्फ संशोधन कानून पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: केंद्र सरकार को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश।

अगली सुनवाई 5 मई को, कोर्ट ने कानून की वैधता पर उठाए अहम सवाल

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन कानून पर केंद्र सरकार से जवाब मांगते हुए उसे एक सप्ताह की मोहलत दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 5 मई 2025 को निर्धारित की गई है। अदालत में यह मुद्दा इस आधार पर उठाया गया है कि वक्फ एक्ट में किए गए हालिया संशोधन संविधान के कुछ मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध हो सकते हैं।

हाइलाइट्स

  • केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए 1 सप्ताह का समय।
  • 5 मई 2025 को अगली सुनवाई।
  • कानून की संवैधानिक वैधता पर सवाल।
  • याचिकाकर्ता बोले: “निजी संपत्तियों पर अतिक्रमण का खतरा”।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा: “संविधान के मूल सिद्धांतों की जांच जरूरी”।
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याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि यह कानून संपत्ति के अधिकारों का उल्लंघन करता है और निजी संपत्तियों पर अनुचित दावा करने का माध्यम बन सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए केंद्र को स्पष्ट और ठोस जवाब दाखिल करने को कहा है।

कोर्ट की टिप्पणी

अदालत ने कहा कि

यह विषय बेहद संवेदनशील है और इससे लोगों के मौलिक अधिकारों पर प्रभाव पड़ सकता है। सरकार को जवाबदेह होना होगा कि इस कानून का उद्देश्य और कार्यप्रणाली क्या है।

वक्फ संशोधन कानून को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। यह कानून वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और उनके अधिकारों को लेकर केंद्र सरकार को अधिक शक्तियां प्रदान करता है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह संशोधन निजी संपत्तियों पर अनुचित दावा करने का रास्ता खोल सकता है, जिससे नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है।

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