नन्दा पथ एक्सप्रेस EXCLUSIVE: नन्दानगर में दौड़ा मिनी हिंदुस्तान! ‘नन्दा पथ मैराथन 2026’ में लद्दाख से प्रयागराज तक के धावकों ने दिखाया दमखम; 73 वर्ष के रिटायर्ड SM ज्ञान सिंह और पिता-पुत्र की जोड़ी बनी मिसाल
हिम्मत सिंह रावत और देवेंद्र गुसाईं की जमीनी मेहनत ने इस महाकुंभ को नन्दानगर की भूमि पर किया साकार; रामणी के विजय और हरिद्वार की रोबिन बने ‘नन्दा पथ’ के सरताज।
नन्दानगर (चमोली), 24 मई 2026।
पहाड़ के युवाओं की प्रतिभा को तराशने और नन्दानगर को खेल मानचित्र पर चमकाने के उद्देश्य से आयोजित “नन्दा पथ मैराथन 2026″ का ऐतिहासिक और भव्य समापन हो गया। नन्दा सेवा समिति एवं समस्त नन्दानगर वासियों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस 8 किलोमीटर की प्रतिष्ठित दौड़ में देश और प्रदेश के कोने-कोने से आए करीब 250 धावकों ने हिस्सा लेकर इस आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान कर दिया। नन्दानगर के पुराने बस स्टैंड से हरी झंडी दिखाकर शुरू हुई यह मैराथन मां नन्दाधाम हेलीपैड कुरुड़ तक पहुंची। मैराथन में स्थानीय धावकों के अलावा लद्दाख, प्रयागराज, हरिद्वार, अल्मोड़ा, बागेश्वर, रानीखेत, कोटद्वार और देहरादून के एथलीटों ने शामिल होकर प्रतियोगिता का स्तर बेहद रोमांचक बना दिया।नन्दानगर की भूमि पर कार्यक्रम को साकार करने वाले मुख्य स्तंभ: हिम्मत सिंह और देवेंद्र गुसाईं
किसी भी बड़े सपने को धरातल पर उतारना सबसे बड़ी चुनौती होती है, लेकिन इस पूरे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को नन्दानगर की भूमि पर साकार करने का ऐतिहासिक काम शिक्षा विभाग से हिम्मत सिंह रावत जी और युवा कल्याण विभाग से देवेंद्र गुसाईं जी ने मिलकर किया। इन दोनों ही कर्मठ खेल प्रेमियों की दिन-रात की अटूट मेहनत, दूरदर्शी सोच और जमीनी स्तर पर किए गए बेजोड़ प्रबंधन के कारण ही नन्दानगर की धरती पर खेल का यह इतना बड़ा महाकुंभ पूरी तरह सफल और सुव्यवस्थित रूप से धरातल पर उतर सका। नन्दानगर की भूमि पर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में इनका यह भगीरथ प्रयास हमेशा याद रखा जाएगा।
73 वर्ष के रिटायर्ड SM ज्ञान सिंह फर्स्वाण ने पेश की हैरतअंगेज मिसाल
इस मैराथन का सबसे भावुक और गौरवमयी पल तब देखने को मिला जब ग्राम सभा लांखी के सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर (SM) ज्ञान सिंह फर्स्वाण जी ने 73 वर्ष की उम्र में युवाओं के साथ कदमताल करते हुए 8 किलोमीटर के कड़े ट्रैक पर दौड़ लगाई और इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। सेना के इस जांबाज रिटायर अफसर के जज्बे को देखकर पूरा नन्दानगर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।जाखणी के श्याम सिंह नेगी ने बेटे संग पूरी की दौड़, दिया फिटनेस का संदेश
वहीं, जनसरोकारों और पारिवारिक एकजुटता की एक और खूबसूरत तस्वीर ग्राम सभा जाखणी से देखने को मिली। यहां के 49 वर्षीय श्याम सिंह नेगी जी ने न सिर्फ खुद इस मैराथन में भाग लिया, बल्कि अपने बच्चे के साथ कदम से कदम मिलाकर इस कठिन दौड़ को सफलतापूर्वक पूरा किया। पिता-पुत्र की इस जोड़ी ने पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य और फिटनेस का एक शानदार संदेश दिया। इसके अलावा ग्राम मटई के 50+ वर्षीय बलवंत सिंह ने 40 मिनट 39 सेकंड में रेस पूरी की, जबकि ग्राम लुणतरा के नन्हे अनुराग सिंह बिष्ट सबसे छोटे धावक रहे।
कांटे की टक्कर में चमके विजय और रोबिन
ओपन (पुरुष) वर्ग में नन्दानगर के ही ग्राम रामणी के विजय सिंह (पुत्र श्री देवेंद्र सिंह) ने महज 30 मिनट 28 सेकंड का समय निकालकर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, कोटद्वार के अनुज नेगी दूसरे और प्रयागराज (UP) के ज्ञान बाबू तीसरे स्थान पर रहे।
महिला वर्ग में हरिद्वार की रोबिन वर्मा (पुत्री सिताब सिंह) ने 38 मिनट 40 सेकंड में दौड़ पूरी कर खिताबी जीत दर्ज की। गोपेश्वर की दिया रावत ने दूसरा और अल्मोड़ा की दीप मेहरा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को चमचमाती ट्रॉफियों के साथ ही क्रमशः 21 हजार (प्रथम), 11 हजार (द्वितीय) और 5100 रुपये (तृतीय) की नकद पुरस्कार राशि सौंपी गई।
अतिथियों ने सराहा, स्मृति चिन्ह में दिखी संस्कृति की झलक
प्रतियोगिता का शुभारंभ और पुरस्कार वितरण मुख्य अतिथि थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख हेमा नेगी, नगर पंचायत अध्यक्ष बीना देवी और बड़ी जात 2026 के अध्यक्ष कर्नल हरेन्द्र सिंह रावत द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। विजेताओं को मां नन्दा देवी सिद्धपीठ कुरूड़ तथा भगवान बैरासकुंड महादेव का संयुक्त पवित्र स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम का शानदार मंच संचालन पंकज सती एवं डॉ. हुकम सिंह बिष्ट द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।नन्दा पथ एक्सप्रेस की नजर:
“नन्दा पथ मैराथन” सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि पहाड़ के अदम्य साहस और एकजुटता का महाकुंभ बन चुकी है। 73 साल के रिटायर्ड सूबेदार मेजर ज्ञान सिंह जी का दौड़ना और जाखणी के श्याम सिंह नेगी जी का अपने बच्चे संग रेस पूरी करना यह दिखाता है कि यह मैराथन पीढ़ियों को जोड़ने का माध्यम बन चुकी है। लेकिन इस पूरे विचार को नन्दानगर की पावन भूमि पर धरातल पर सच करने का श्रेय हिम्मत सिंह रावत जी और देवेंद्र गुसाईं जी को जाता है, जिन्होंने बैकस्टेज रहकर इस आयोजन को सुपरहिट बनाया। ‘नन्दा पथ एक्सप्रेस’ इन सभी जमीनी नायकों, जांबाज बुजुर्गों और आयोजकों को इस शानदार सफलता पर सलाम करता है।मुख्य परिणाम एवं विशेष सम्मान एक नजर में:
पुरुष व महिला वर्ग (शीर्ष विजेता):पुरुष प्रथम:** विजय सिंह (रामणी, चमोली) – 30:28 मिनट
महिला प्रथम: रोबिन वर्मा (हरद्वार) – 38:40 मिनटकार्यक्रम को नन्दानगर की धरती पर वास्तविक रूप में साकार करने वाले मुख्य स्तंभ श्री हिम्मत सिंह रावत और श्री देवेंद्र गुसाईं
प्रेरणास्रोत सम्मान (विशेष आकर्षण):
रिटायर्ड SM ज्ञान सिंह फर्स्वाण (73 वर्ष, लांखी):उम्र को मात देकर मैराथन पूरी करने वाले सबसे बुजुर्ग जांबाज।
श्याम सिंह नेगी (49 वर्ष, जाखणी):अपने बच्चे के साथ मैराथन पूरी कर समाज को फिटनेस का संदेश दिया।




नन्दा पथ एक्सप्रेस EXCLUSIVE: नन्दानगर में दौड़ा मिनी हिंदुस्तान! ‘नन्दा पथ मैराथन 2026’ में लद्दाख से प्रयागराज तक के धावकों ने दिखाया दमखम; 73 वर्ष के रिटायर्ड SM ज्ञान सिंह और पिता-पुत्र की जोड़ी बनी मिसाल