उत्तराखंड में महिला अभ्यर्थियों को राज्य सरकार की नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का कानूनी अधिकार बहुत जल्द मिलने वाला है। विधानसभा में पारित होने के बाद विधायी विभाग ने उत्तराखंड लोक सेवा (महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण) विधेयक सोमवार को राजभवन भेज दिया। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही यह कानून बन जाएगा।उच्च न्यायालय में शासनादेशों पर रोक के बाद से महिला क्षैतिज आरक्षण को लेकर संशय बन गया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद शासन ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी। कोर्ट से स्थगन आदेश लेने के साथ ही अधिनियम बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। 30 नवंबर को सरकार ने विधानसभा में इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कराया। अपर सचिव (विधायी) महेश कौशिबा ने विधेयकों को राजभवन भेज दिए जाने की पुष्टि की है।
Related posts
-
सीएम धामी ने हरिद्वार से बीज संजीवनी अभियान की शुरुआत की…
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को आम महोत्सव के दौरान ‘बीज संजीवनी अभियान’ का... -
देहरादून में समावेशी शिक्षा मिशन-2030 का शुभारंभ, सीएम धामी बोले- हर बच्चे तक पहुंचे…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में शाइन... -
ऊर्जा परियोजनाओं के लिए केंद्र से सहयोग की मांग, सीएम धामी ने 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मांगी…
देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर...